हेडलाइन
बिजली कटौती

बिजली कटौती से परेशान है? जानिए क्यों कट रही है लाइट, कहां और कैसे शिकायत करें

पूर्वांचल समेत पूरा प्रदेश इस वक्त गंभीर बिजली कटौती की समस्या से परेशान है। जहां एक तरफ मानसून होने के बावजूद लोग बारिस के लिए तरस रहे हैं वहीं पसीने से तर-तर कर देनेवाली गर्मी में बिजली भी गायब रहती है। इस दौरान रात में बिजली कटौती की समस्या गुजरते दिन के साथ लगातार बढ़ती…

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चिड़ियाघर

बर्ड फ्लू के बाद 56 दिन बाद फिर खुले गोरखपुर और कानपुर चिड़ियाघर

करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद गोरखपुर और कानपुर के चिड़ियाघरों को मंगलवार को फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया। बर्ड फ्लू (पक्षियों से फैलने वाला फ्लू) की वजह से दोनों चिड़ियाघर 13 मई 2025 को बंद कर दिए गए थे। गोरखपुर चिड़ियाघर में इस बीमारी के कारण दो बाघ,…

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ट्रैफिक नियम

ट्रैफिक नियमों को तोड़ना पड़ेगा भारी: यूपी में एक दिन में कटे 24,000 से अधिक चालान

उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर ट्रैफिक पुलिस द्वारा 07 जुलाई 2025 को पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई की गई। प्रदेश पुलिस ने एक दिन में बिना हेलमेट चलने पर 22,464 चालान और गलत दिशा में वाहन…

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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान

गोरखपुर: शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान फिर से खुलने को तैयार, बच्चों के लिए खुशखबरी

गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान 43 दिनों के लंबे इंतजार के बाद 8 जुलाई 2025 से आम दर्शकों के लिए फिर से खोलने जा रहा है। पिछले महीने चिड़ियाघर में पक्षियों में पाए गए बर्ड फ्लू वायरस (H5N1) के कारण इसे बंद कर दिया गया था। अब स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग…

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पंखुड़ी त्रिपाठी

पंखुड़ी त्रिपाठी की आवाज़ बनी बदलाव की दस्तक: फीस माफी से गोरखपुर की बेटी लौटी स्कूल

“महाराज जी, मैं पढ़ना चाहती हूं” सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में पंखुड़ी त्रिपाठी की यह गुहार अब मजबूत परिणाम के रूप में सामने आई है। शहरी भीड़ के बीच गुम होती मासूम आवाज़ें अक्सर किसी ताकतवर मंच तक नहीं पहुंच पातीं, लेकिन जब पंखुड़ी त्रिपाठी जैसी कोई बिटिया सीधे मुख्यमंत्री से कहे “पढ़ने” के लिए गुहार…

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चौरी-चौरा कांड

चौरी-चौरा कांड नहीं, जनविद्रोह था: जब जनता ने अन्याय के खिलाफ जलाई आग

चौरी-चौरा (गोरखपुर), 4 फरवरी 1922: आजादी की लड़ाई का एक ऐसा अध्याय जिसे केवल “हत्याकांड” नहीं, बल्कि “जन विद्रोह” की आग कहा जाना चाहिए—हम बात कर रहे हैं चौरी-चौरा कांड की। इस ऐतिहासिक घटना के 100 से अधिक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके शहीदों का संघर्ष और बलिदान आज भी जनमानस में जीवंत है।…

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